स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने अब राज्य सरकार का अभियान

भोपाल
प्रदेश के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने अब राज्य सरकार मिशन टेन के चलाएगी। इस अभियान के तहत प्रदेश की दस हजार प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं का चयन किया जाएगा। यहां गुणवत्ता विकास के लिए समुचित प्रयास किए जाएंगे। हर जिले में दस से पंद्रह प्रतिशत शालाएं ऐसी होंगी जिनमें अध्ययनरत छात्र अकादमिक मापदंड की पूर्ति करते हो।

जिन शालाओं का चयन किया जाएगा उनमें अधोसंरचना तथा प्रत्येक कक्षा हेतु एक कक्ष, लाइब्रेरी कक्ष, शौचालय, पानी और विद्युत व्यवस्था  उपलब्ध होना चाहिए। जिस जिले में एक हजार प्राथमिक और पांच सौ माध्यमिक शालाओं में से प्राथमिक के लिए 150 और माध्यमिक के लिए 75 शालाओं का चयन किया जाएगा। एक परिसर एक शाला के अंतर्गत ऐसी शाला का चयन किया जाएगा जिसमें कम से कम सौ बच्चे अध्ययनरत हो और न्यूनतम चार शिक्षक कार्यरत हों। इस योजना के लिए सभी जिला परियोजना समन्वयकों से निर्धारित फार्मेट में जानकारी मांगी गई है।

इन स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए ना केवल शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा बल्कि यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सभी जरूरी शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। मॉडल पाठ्यक्रम भी तय किए जाएंगे और हर पाठ्यक्रम के लिए मॉडल टेस्ट पेपर तय कर विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता का आंकलन किया जाएगा। इन स्कूलों के बच्चों को अकादमिक गुणवत्ता विकास, खेल और अन्य विद्याओं में भी उन्नत करने की कवायद की जाएगी।

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