काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में हादसा, मलबे में दबकर बाबा का सिंहासन क्षतिग्रस्त

वाराणसी

वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर या विश्वनाथ धाम का निर्माणाधीन काम उस वक्त एक बार फिर विवादों में घिर गया जब मंदिर के नजदीक ही स्थित पूर्व महंत कुलपति तिवारी के आवास के पश्चिमी हिस्से की तरफ की दीवार उस वक्त ढह गई जब कॉरिडोर में लगा एक जेसीबी पूर्व मंहत के मकान से लगे मकान को तोड़ रहा था.

मलबे में दबा बाबा विश्वनाथ का रजत सिंहासन

जेसीबी द्वारा चार मंजीला मकान को तोड़ने के चलते सारा मलबा पूर्व महंत के आवास की पश्चिमी दीवार और कई कमरों को भी क्षतिग्रस्त कर गया. जिसकी जद में 365 वर्ष पुरानी वह रजत शिवाला और चांदी जड़ित पालकी भी थी जिसकी झांकी रंगभरी एकादशी के पर्व पर निकलती है.

फिलहाल एहतियात के तौर पर पूर्व महंत के परिवार को नजदीक ही एक गेस्ट हाउस में शरण लेना पड़ा और पूर्व महंत कुलपति तिवारी ने चेतावनी भी दी है कि जल्द उनके मकान को मरम्मत करके वापस नहीं किया जाता तो वे जल समाधि ले लेंगे.

365 साल पुरानी आस्था को लगी चोट

खुशकिस्मती से इस दुर्घटना में कोई चोटिल नहीं हुआ. लेकिन मलबे में 365 वर्ष पुरानी आस्था और परंपरा को तब चोट लग गई जब उसमें रंगभरी एकादशी पर्व से संबंधित पूर्व महंत के घर से निकलने वाली झांकी की चांदी जड़ित पालकी और लगभग दो सौ किलोग्राम का चांदी का शिवाला मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गई.

रंगभरी एकादशी के दिन बाबा विश्वनाथ के प्रतीक स्वरूप रजत प्रतिमा उसी चांदी की पालकी पर सवार होकर निकलती थी और फिर मंदिर से मां पार्वती की विदाई करा कर वापस महंत आवास में आती थी. दुर्घटना के बाद आवास के दूसरे कमरे में शिव-पार्वती की रजत प्रतिमा को लोगों ने हटाकर विश्वनाथ मंदिर में रखा और खुद मकान खाली करके नजदीक ही एक गेस्ट हाउस में शरण लेने चले गए.

महंत ने दी जल समाधि ले लेने की चेतावनी

पूर्व महंत के मुताबिक घर के बाकी कीमती समान और आभूषण भी मलबे में दबे हुए हैं. पूर्व महंत ने इस हादसे के बाद अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है. महंत ने चेतावनी दी है कि जल्द मरम्मत के बाद भवन में प्रवेश नहीं मिला तो वे जल समाधि ले लेंगे.

डर के मारे गेस्ट हाउस में रह रहा है महंत का परिवार

वहीं दूसरी ओर इस दुर्घटना के बाद महंत का परिवार सदमे में है. आगे फिर से दुर्घटना के डर के चलते महंत का परिवार घर के नजदीक ही एक गेस्ट हाउस में रह रहा है. महंत ने बताया कि घर का जो हिस्सा गिरा है उस तरफ उनका छोटा बेटा रहा करता था लेकिन संयोग था कि जिस वक्त यह हादसा हुआ वह वहां नहीं था.

Leave a Comment