चीन ने अमेरिकी राजनयिकों के एनल से लिया कोरोना का टेस्ट?  

 बीजिंग 
अमेरिकी राजनयिकों के एनल से कोरोना का टेस्ट करने के आरोपों का चीन ने खंडन किया है। अमेरिका में कुछ रिपोर्ट्स में यह कहा गया था कि उसके कुछ राजनियकों को कोरोना जांच के लिए एनल टेस्ट से गुजरना पड़ा था। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि चीन ने कभी भी अमेरिकी सैनिकों को एनल स्वैब टेस्ट की प्रक्रिया से गुजरने के लिए नहीं कहा था। इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि वॉशिंगटन अपने राजनयिकों के अधिकारों और सम्मान की सुरक्षा के लिए तत्पर है। 

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने चीन को वियेना कन्वेंशन की याद दिलाते हुए कहा था कि अमेरिका अपने राजनयिकों और उनके फैमिली मेंबर्स की सुरक्षा के लिए तत्पर है। किसी भी तरह के कूटनीतिक संबंधों में वियेना कन्वेंशन के नियमों का पालन किया जाना चाहिए। दरअसल बीते सप्ताह वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि कई अमेरिकी राजनियकों ने मंत्रालय को बताया है कि चीन में उन्हें कोरोना जांच के लिए एनल टेस्ट से गुजरना पड़ा था। इस तरह का टेस्ट चीन में ही किया जा रहा है। दरअसल चीन का कहना है कि नाक या फिर मुंह की बजाय गुदा से सैंपल लेकर जांच की जाए तो कोरोना का टेस्ट काफी सटीक होगा।

बीते करीब एक सप्ताह से चीन में कोरोना का कोई नया केस सामने नहीं आया है। इसके बाद भी चीन ने टेस्ट को लेकर नियम कड़े कर रखे हैं। खासतौर पर विदेशों से आने वाले लोगों की कड़ी टेस्टिंग की जा रही है। हालांकि विदेशी राजनयिकों को ट्रैवल बैन में रियायत दी गई है। इस मामले से चीन और अमेरिका के संबंधों में एक बार फिर से टकराव की स्थिति बन सकती है। दोनों देश बीते कई सालों से ट्रेड वॉर के दौर से गुजर रहे हैं और अब यह नया मामला अमेरिका और चीन के संबंधों को निचले स्तर पर ले जा सकता है।