रूस में अशांति फैलाना चाहती हैं विदेशी शक्तियां-पुतिन

मॉस्को
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने देश की शीर्ष खुफिया एजेंसी को रूस को अस्थिर करने के प्रयासों से निपटने के लिए अपनी कार्रवाई बढ़ाने का आदेश दिया है। पुतिन ने इन्हें पश्चिमी प्रयासों के रूप में वर्णित किया है। संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) के शीर्ष अधिकारियों की एक बैठक में बुधवार को पुतिन ने रूस को नियंत्रित करने की रणनीति का जिक्र करते हुए आरोप लगाया।

रूस में अशांति फैलाना चाहती हैं विदेशी शक्तियां
पुतिन ने कहा कि हमारी विकास यात्रा को पटरी से उतारने, उसे धीमा करने, हमारी सीमाओं पर समस्याएं पैदा करना, आंतरिक अस्थिरता को भड़काना और रूसी समाज को एकजुट करने वाले मूल्यों को कमजोर करने जैसे प्रयासों में कई विदेशी ताकतें शामिल हैं। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि विदेशी ताकतों की गतिविधियों का उनका उद्देश्य रूस को कमजोर करना और इसे बाहरी नियंत्रण में रखना है। हालांकि उन्होंने ये विदेशी ताकतें कौन हैं, इसका खुलकर कोई जिक्र नहीं किया।

रूस ने पकड़े 72 विदेशी खुफिया अधिकारी
रूसी राष्ट्रपति ने विदेशी जासूसों की गतिविधियों को बाधित करने के एजेंसी के प्रयासों की सराहना भी की। पिछले कुछ समय में रूसी खुफिया एजेंसी ने 72 विदेशी खुफिया अधिकारियों और उनके 423 मुखबिरों का पता लगाया है। जिससे रूस में जासूसी करने में जुटे बड़े पैमाने पर खुफिया अधिकारियों को पकड़ा गया है। सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए जासूसों में अधिकतर का संबंध अमेरिका और यूरोपीय देशों से जुड़ा हुआ है।

आतंकवाद से निपटने के लिए प्रयास बढ़ाने को कहा
उन्होंने एफएसबी को देश की नवीनतम सैन्य प्रौद्योगिकियों के संरक्षण को बढ़ाने का आदेश देते हुए कहा कि आप सभी को पता है कि हमारे पास रक्षा करने के लिए बहुत कुछ है। उन्होंने एफएसबी को अपने आतंकवादी रोधी प्रयासों को बढ़ाने का आदेश भी दिया। अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों ने क्रेमलिन के पूर्व में किए ऐसे कई दावों को खारिज किया है, जिसमें उसने कहा था वे रूस को कमजोर करना चाहते हैं।