आरपीएफ कोटा ने लौटाया 18.75 लाख रुपये मूल्य के स्वर्ण आभूषणों से भरा बैग

सीसीटीवी फुटेज एवं त्वरित कार्रवाई से ऑटो-रिक्शा में छूटा बैग खोजकर महिला यात्री के परिजन को सुरक्षित सौंपा

 

कोटा। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) चौकी कोटा ने “ऑपरेशन अमानत” के अंतर्गत तत्परता एवं सतर्कता का परिचय देते हुए एक महिला यात्री का ऑटो-रिक्शा में छूटा हैंडबैग, जिसमें लगभग 18 लाख 75 हजार रुपये मूल्य के स्वर्ण आभूषण रखे थे, सफलतापूर्वक बरामद कर उसके परिजन को सुरक्षित सुपुर्द कर दिया।

घटना 15 जुलाई 2026 की है। प्रातः लगभग 7:20 बजे श्रीमती मुस्कान खान ने आरपीएफ चौकी कोटा में सूचना दी कि उनकी रिश्तेदार श्रीमती शबीना खान का मैरून रंग का हैंडबैग खो गया है। श्रीमती शबीना खान गाड़ी संख्या 22983 से कोटा से सारंगपुर जाने के लिए कोटा स्टेशन आई थी, जिस ऑटो-रिक्शा से गई थीं, उसमें उनका हैंडबैग भूलवश छूट गया था। ट्रेन में बैठने के बाद जब उनको हैंडबैग नहीं मिला तो उन्होंने अपनी कोटा की रिश्तेदार को कॉल करके सुचना दी|

सूचना मिलते ही निरीक्षक सी.एस. दावर के निर्देशन में उप-निरीक्षक कप्तान सिंह एवं आरक्षक अनिल रावल की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। टीम ने कोटा रेलवे स्टेशन के बाहरी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की गहनता से जांच की, जिसके आधार पर संबंधित ऑटो-रिक्शा की पहचान की गई। तत्पश्चात स्टेशन पार्किंग क्षेत्र में ऑटो-रिक्शा एवं उसके चालक का पता लगाकर तलाशी ली गई, जिसमें शिकायत के अनुरूप मैरून रंग का हैंडबैग सीट पर सुरक्षित रखा मिला।

बैग को आरपीएफ चौकी लाकर परिजनों की उपस्थिति में खोला गया। इसमें 4 सोने की चूड़ियाँ, 4 सोने की अंगूठियाँ, 2 सोने के मंगलसूत्र, सोने के झुमकों के 3 जोड़े, आधार कार्ड तथा मोबाइल चार्जर बरामद हुए। बरामद स्वर्ण आभूषणों का अनुमानित मूल्य लगभग 18 लाख 75 हजार रुपये आँका गया।

समुचित सत्यापन एवं पहचान की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद बैग एवं उसमें रखी समस्त सामग्री को विधिवत हैंडओवर मेमो तैयार कर गवाहों की उपस्थिति में श्रीमती मुस्कान खान को सुपुर्द किया गया। परिजनों ने आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई एवं ईमानदारी की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान अपने सामान का विशेष ध्यान रखें। यदि किसी यात्री का सामान खो जाए या छूट जाए तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम आरपीएफ चौकी अथवा रेल मदद हेल्पलाइन के माध्यम से दें, ताकि शीघ्र कार्रवाई कर सामान बरामद किया जा सके।

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