रमजान के महीने में मस्जिद बनी कोविड सेंटर, महामारी से जंग में आगे आए मुस्लिम

 नई दिल्ली 
एक ओर जहां देश और दुनिया कोरोना की लड़ाई में कई तरह की बाधाओं का सामना कर रहे हैं वहीं मदद के लिए आगे आने वाले लोगों और संस्थानों की भी कमी नहीं। गुजरात के एक मस्जिद ने ऐसा ही उदाहरण पेश किया। दरअसल गुजरात में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि के बीच, वडोदरा की जहाँगीरपुरा मस्जिद ने जो किया वह सराहनीय है। मस्जिद के संचालकों ने मस्जिद को 50 बेड के कोविड केयर सेंटर के रूप में बदल दिया है। मस्जिद के ट्रस्टी ने कहा कि- ऑक्सीजन और बेड की कमी के कारण, हमने इस मस्जिद को कोविड केयर में बदलने का फैसला किया। और इसे करने के लिए रमजान के महीने से बेहतर क्या ही होगा। गुजरात में अब  तक राज्य में कुल 12 लाख 53  हज़ार से अधिक लोगों को कोरोना के टीके की दोनो  खुराक दी जा चुकी है।
 
बता दें कि गुजरात सरकार ने एक अप्रैल  से किसी भी राज्य से आने-जाने वालों के लिए आरटी पीसीआर जांच की नेगेटिव  रिपोर्ट लाना अनिवार्य कर दिया है। बाहरी राज्यों से आने वाले हर यात्री की  सघन स्क्रीनिंग की जा रही है।  जांच रिपोर्ट नहीं लाने वाले से 800 रुपए  का शुल्क लेकर हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य स्थानों पर  उनकी जांच की जा रही है और पॉज़िटिव आने पर उन्हें संस्थागत क्वॉरंटीन में  रखा जा रहा है।  राज्य में पार्क और स्कूल आदि पहले से ही बंद हैं  और आठों महानगरों अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा, जामनगर, भावनगर,  गांधीनगर और जूनागढ़ समेत 20 शहरों में रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक  रात्रि कफ़र्यू है। राज्य सरकार ने कई अन्य क़दमों की भी घोषणा की है। 

राज्य में हाल में हुए स्थानीय चुनावों  के दौरान जुटी भीड़ और अहमदाबाद के मोटेरा स्थित नरेंद्र मोदी  स्टेडियम में हुए क्रिकेट मैचों को भी कोरोना के तेज़ी से पांव फैलाने के  लिए जम्मेदार माना जा रहा है। राज्य सरकार ने गुजरात बोर्ड की 10 वीं और 12 वीं बोर्ड की अगले माह होने वाली परीक्षायें आज स्थगित कर दी हैं।