रोटी नहीं फूलती और हो जाती है सख्त? आटा गूंथते समय इन 4 बातों का रखें ध्यान हमेशा

घर में रोटी दिन एक में दो-तीन बार बनाई जाती है. ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि रोटी बनाना रोज का काम है. यूं तो सुनने में ये काम आसान लगता है, लेकिन बहुत से लोगों के लिए ये काम मुश्किल तब बन जाता है जब उनकी रोटी फूलती नहीं है और सॉफ्ट भी नहीं बनती है. कई घरों में एक छोटी-सी शिकायत अक्सर सुनने को मिलती है- 'रोटी फूलती ही नहीं, पता नहीं कहां गलती हो रही है!' कभी रोटी तवे पर पिचकी रह जाती है, कभी किनारे सूखे और सख्त हो जाते हैं और कभी बेलते समय आटा बार-बार सिकुड़ने लगता है. ऐसे में लोग अक्सर तवे की गर्मी या बेलने के तरीके को गलत बताते हैं.
लेकिन कई बार असली गड़बड़ी रोटी तवे तक पहुंचने से पहले ही आटा गूंथने में हो चुकी होती है. अगर आटा सही तरीके से नहीं गूंथा गया, उसमें पानी कम या ज्यादा हो गया या उसे गूंथने के बाद आराम नहीं दिया गया, तो रोटी के फूलने में दिक्कत आ सकती है. आइए जानते हैं आटा गूंथते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिससे आपकी हर रोटी फूले और एकदम सॉफ्ट बने.
आटा न बहुत कड़ा हो, न चिपचिपा
अगर आप चाहते हैं कि आपकी सभी रोटी फूली-फूली और सॉफ्ट बने, तो आपको आटा गूंथते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना होगा. रोटी के लिए आटा ना तो बहुत कड़ा होना चाहिए और ना ही ज्यादा ढीला. हमेशा ध्यान रखें कि रोटी बनाने के लिए आया सॉफ्ट और मुलायम होना चाहिए. अगर आटा गूंथने के बाद कड़ा महसूस हो रहा है, तो संभव है कि उसमें पानी कम पड़ा हो. बहुत सूखे आटे से रोटी बेलते समय फट सकती है और पकने के बाद सख्त भी हो सकती है.
वहीं पानी ज्यादा डालने से आटा चिपचिपा हो जाता है. इसलिए पानी हमेशा थोड़ा-थोड़ा डालकर आटा गूंथें. इसके साथ ही आटा गूंथते के लिए हमेशा गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें.
गूंथने के बाद आटे को दें थोड़ा आराम
आटा गूंथते ही तुंरत रोटी बनाने की जल्दबाजी ना करें. अगर आप आटा गूंथने के तुरंत बाद लोई बनाकर रोटी बेलने लगेंगे तो वो कड़ी और टूटी-टूटी बन सकती है. आटे को ढककर 20 से 30 मिनट के लिए छोड़ दें. इससे आटा सेट होता है और बेलना आसान हो जाता है. अगर रोटी बेलते समय बार-बार सिकुड़ रही है, तो समझ जाएं कि आपने आटे को रेस्ट नहीं दिया है.
बेलते समय भी रखें ध्यान
आटा सही होने के बाद रोटी को बराबर मोटाई में बेलना जरूरी है. बहुत ज्यादा सूखा आटा लगाने से रोटी सूखी हो सकती है, इसलिए जरूरत के हिसाब से ही सूखा आटा लगाएं. कोशिश करें कि रोटी बीच से बहुत मोटी और किनारों से बहुत पतली न हो.
तवा भी ज्यादा ठंडा या गर्म न हो
रोटी फूलने के लिए तवे का सही तरह से गर्म होना भी जरूरी है. तवा कम गर्म होगा तो रोटी सूख सकती है, जबकि बहुत ज्यादा गर्म होने पर बाहर से जल्दी सिक सकती है. तवा अच्छी तरह गर्म करने के बाद रोटी डालें और सही समय पर पलटें. दूसरी तरफ हल्के भूरे निशान आने के बाद दोबारा पलटकर हल्के हाथ से दबाने पर रोटी फूल सकती है.
अगर आप इन सभी बातों का ध्यान रखते हैं, तो आपकी रोटी फूली-फूली और सॉफ्ट बनती है.





