मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने ब्लैक फंगस बीमारी को लेकर केंद्रीय मंत्री से मांगी मदद

 

भोपाल. प्रदेश में कोरोना संक्रमण से ठीक हो रहे लोगों के लिए ब्लैक फंगस जानलेवा साबित हो रहा है. इस बीमारी से निपटने के लिए सरकार ने अब युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्लैक फंगस के इलाज के लिए जरूरी एंटीवायरल इंजेक्शन की आपूर्ति को पूरा करने की कोशिशें तेज कर दी हैं.

इस मामले को लेकर सीएम शिवराज ने केंद्रीय उर्वरक और रसायन राज्य मंत्री मनसुख मांडवीया से फोन पर चर्चा की. सीएम शिवराज ने केंद्र सरकार से प्रदेश को ब्लैक फंगस में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन एम्फोथेरेसिन  की मांग की. शिवराज ने कहा है कि प्रदेश को तत्काल 24 हजार इंजेक्शन की आपूर्ति की जाए. राज्य सरकार की इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडवीया को पत्र भी लिखा है.

बता दें, ब्लैक फंगस के इलाज के लिए सीएम शिवराज पांच मेडिकल कॉलेजों में विशेष वार्ड बनाने के निर्देश भी दे चुके हैं. मुख्यमंत्री ने ब्लैक फंगस के इलाज के लिए भोपाल, जबलपुर ग्वालियर, इंदौर और रीवा में विशेष वार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं. बहरहाल प्रदेश में अब ब्लैक फंगस से पीड़ित होने वाले मरीजों की संख्या में तेजी के साथ इजाफा हो रहा है और एंटीवायरस इंजेक्शन की भी मांग तेजी के साथ बढ़ रही है. ऐसे में जरूरी हो गया है कि ब्लैक फंगस से जूझ रहे मरीजों के इलाज के लिए जरूरी इंजेक्शन की आपूर्ति सुनिश्चित हो.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर ब्लैक फंगस के लिए जरूरी इंजेक्शन की कालाबाजारी और नकली इंजेक्शन का कारोबार शुरू होने का अंदेशा जताया है. दिग्विजय सिंह ने सीएम शिवराज से अनुरोध किया है कि ब्लैक फंगस के इलाज के लिए जरूरी इंजेक्शन मरीजों को अस्पतालों के जरिए उपलब्ध कराए जाएं. इसकी कालाबाजारी और नकली दवा के कारोबार को रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठाए. सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि इस बीमारी के इलाज के लिए जरूरी एंटी फंगल इंजेक्शन बाजार से गायब हो गए हैं और उनके परिजन भटक रहे हैं. ऐसे में सरकार को कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए.