हनुमान चालीसा पाठ करने से भय से मिलती है मुक्ति, जानें क्या है महत्व और अर्थ 

 नई दिल्ली 
पौराणिक मान्यता है कि जब भी आप जीवन में डर का अनुभव करें, तो भगवान हनुमान का स्मरण करते हुए हनुमान चालीसा का जाप शुरू कर दें, इससे आपके भय का नाश हो जाएगा। 8 अप्रैल को हनुमान जयंती है, ऐसे में लॉकडाउन का पालन करते हुए हनुमान जी की स्तुति के लिए आप घर में ही हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। आइए, जानते हैं क्या है हनुमान चालीसा का महत्व-  

तुलसीदास जी ने रामचरितमानस के साथ हनुमान चालीसा की भी रचना की थी। इसमें हनुमान जी के बाल्यकाल की घटनाओं के साथ प्रभु श्रीराम की सहायता, सीता माता की खोज, लंका दहन जैसी पराक्रम से जुड़ी घटनाओं का वर्णन है।
कहा जाता है कि जब हनुमान जी ने बाल्यकाल में सूर्यदेव को एक लाल फल समझ कर निगल गए थे, तब इंद्र ने वज्र से उन पर प्रहार कर दिया, जिससे वे गिर पड़े। इस बात को जानकर पवन देव क्रोधित हो गए। वहीं, जब देवताओं को पता चला कि हनुमान जी कोई और नहीं बल्कि भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार हैं, तब उन्होंने हनुमान जी को एक-एक करके अपनी शक्तियां प्रदान कीं।

हनुमान चालीसा का लाभ
हनुमान चालीसा में कोई मंत्र नहीं है, लेकिन उनकी चौपाइयों में आपकी समस्याओं का समाधान छिपा है। प्रतिदिन स्नान के बाद आप हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, तो इसका चमत्कारिक लाभ महसूस होगा।

क्या है अर्थ 
1.संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।
2. संकट तें हनुमान छुड़ावै। मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।
3.भूत पिसाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै।।

इन 3 चौपाइयों को पढ़ने से व्यक्ति के सभी संकट मिट जाते हैं, सभी दुखों का नाश हो जाता है। किसी भी प्रकार का भय उसे नहीं रहता, वह निडर हो जाता है।
यदि आप किसी कार्य को कर रहे हैं, लेकिन आपके लाख प्रयासों के बाद भी सफलता नहीं मिल रही है तो फिर हुनमान चालीसा के इस चौपाई का स्मरण करें।

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