कोरोना का कहर, US में दफनाने को जगह नहीं

न्यूयॉर्क
अमेरिका में कोरोना वायरस के कारण एक ही दिन में 1,900 से ज्यादा लोगों की मौत के साथ जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 14,788 तक पहुंच गई। यहां मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में यहां के शव गृहों में भी शवों को रखने की जगह नहीं बची है। अमेरिका में कोरोना का केंद्र न्यूयॉर्क में अकेले 6,268 लोगों की मौत हुई है और 151,171 लोग संक्रमित पाए गए। इसके बाद न्यूजर्सी में 1,504 लोगों ने जान गंवाई और 47,437 मामले सामने आए। न्यूयॉर्क में तो बड़ी संख्या में लोगों के संक्रमित होने से अस्पतालों में भी जगह नहीं बची है। मुर्दाघर भी शवों से भरे हैं।

'आशंका से कम मौतें लेकिन…'
वायरस के पॉजिटिव मामले दुनियाभर में अमेरिका में हैं। यहां कोरोना के मामले 4 लाख की संख्या पार कर गए हैं। दूसरी तरफ अमेरिका में कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 14,788 पहुंच गई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि नए आंकड़ों से पता चलता है कि जितनी आशंका थी, उससे कम मौतें हुई हैं। ट्रंप ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हम उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं लेकिन इसके बारे में बात करना अभी जल्दबाजी होगी।’ अधिकारियों का मानना है कि मरने वाले और संक्रमित लोगों की संख्या अगले हफ्ते बढ़ेगी। अमेरिका की करीब 97 फीसदी आबादी अपने घरों में है। सेना ने अपने केंद्रों को अस्पतालों में बदलते हुए हजारों नए बिस्तर लगाए हैं।

ट्रंप ने WHO को फंड रोकने की धमकी दी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह डब्ल्यूएचओ पर खर्च की जाने वाली राशि पर रोक लगाने जा रहे हैं। उन्होंने संगठन पर कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के दौरान सारा ध्यान चीन पर केंद्रित करने का आरोप लगाया। डब्ल्यूएचओ को अमेरिका की तरफ से बड़ी धनराशि मिलती है। ट्रम्प ने आरोप लगाया, ‘जब मैंने यात्रा प्रतिबंध लगाया था तो वे उससे सहमत नहीं थे। वे गलत थे। वे कई चीजों के बारे में गलत रहे हैं। उनके पास पहले ही काफी जानकारी थी। वे महीनों पहले इसके बारे में बता सकते थे।’

अमेरिका और चीन के बीच छिड़ी जुबानी जंग रुकी
कोरोना वायरस को लेकर अमेरिका और चीन के बीच चल रही जुबानी जंग अब थमती नजर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 26 मार्च को चीनी राष्ट्रपति से फोन पर बात होने के बाद से कोरोना वायरस को ‘चाइनीज वायरस’ कहना बंद कर दिया है। अमेरिका में चीन के राजदूत कुई तियानकई ने कहा कि अमेरिकियों से उन्हें लगाव है और चीन अमेरिका की मदद के लिए सबकुछ करेगा। इस पर अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता ने कहा कि चीन वायरस पर ब्योरा साझा करे और अपने यहां लोगों को बोलने की आजादी दे। ट्रंप को चीन की जरूरत भी है जिसने अमेरिका में आयातित मास्क में से आधे मास्कों का निर्माण किया है।

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