सीएम शिवराज सिंह चौहान ने वीसी के जरिए ‘श्रम सिद्धि’ अभियान का किया आगाज

भोपाल। प्रदेश में शुक्रवार को 'श्रम सिद्धि' अभियान का शुभारंभ किया गया। इसके तहत हर मजदूर को काम दिया जाएगा। कोरोना संकट और लॉक डाउन के बीच मध्यप्रदेश सरकार ने श्रमिकों को य‍ह तोहफा दिया है।

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने वीसी के माध्यम से अभियान की शुरूआत की । उन्होंने कुछ ग्राम पंचायतों के सरपंचों तथा मजदूरों से बातचीत कर ''श्रम सिद्धी'' अभियान की जानकारी दी तथा वहां चल रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की।

इस अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में हर व्यक्ति को कार्य दिया जाएगा। इसके लिए घर-घर सर्वे किया जाएगा तथा जिनके पास जॉब कार्ड नहीं है उनके जॉब कार्ड बनाकर दिए जाएंगे। जो मजदूर अकुशल होंगे उन्हें मनरेगा में कार्य दिलाया जाएगा तथा कुशल मजदूरों को उनकी योग्‍यता के अनुसार काम दिलाया जाएगा।

कोरोना संकट के दौरान प्रदेश के मजदूरों, किसानों, गरीबों आदि की निरंतर सहायता की गई है। मजदूरों को उनके खातों में राशि भिजवाई गई, बच्चों को छात्रवृत्ति की राशि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों को दो माह की अग्रिम पेंशन, सहरिया, बैगा, भारिया जनजाति की बहनों को राशि, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों, मध्यान्ह भोजन के रसाईयों आदि को राशि उनके खातों में अंतरित की गई। किसानों को फसल बीमा की राशि, शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण तथा गेहूं उपार्जन की राशि उनके खातों में भिजवाई गई।

प्रत्येक ग्राम में पहले तीन माह का उचित मूल्य राशन प्रदाय किया गया था। अब दो माह का नि:शुल्क राशन प्रदान किया गया है। यह राशन राशन कार्डधारियों के अलावा उन्हें भी दिया जा रहा है जिनके पास राशन कार्ड नहीं है। वर्तमान में प्रदेश की 22 हजार 809 ग्राम पंचायतों में से 22 हजार 695 में मनरेगा के कार्य चल रहे हैं। इन कार्यों में अभी तक 21 लाख 01 हजार 600 मजदूरों को रोजगार दिया गया है, जो कि गत वर्ष की तुलना में लगभग दो गुना है।

प्रदेश में संबल योजना को पुन: प्रारंभ किया है। अब प्रवासी मजदूरों को भी इस योजना से जोड़ा जा रहा है। इसके अंतर्गत गरीबों के बच्चों की फीस, बच्चे के जन्म व उसके बाद मां को 16 हजार रूपए की राशि, बच्ची के विवाह की व्यवस्था, सामान्य मृत्यु पर 02 लाख, दुर्घटना में मृत्यु पर 04 लाख तथा अंतिम संस्कार के लिए 05 हजार रूपए प्रदाय किये जाते हैं।

Leave a Comment