चाइनीज प्रॉडक्ट्स का विरोध: खुद ही बेटी के लिए बना दी टॉय कार

 
पुणे 

 महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड इलाके में रहने वाली 6 साल की तंजीला परिवार के साथ मुंबई गई तो वहां एक मॉल में टॉय कार को बच्चों को चलाता देख उसका मन मचल गया. नन्हीं तंजीला ने पिता से जिद कर डाली कि उसे अपने लिए घर पर ऐसी ही कार चाहिए.  तंजीला के पिता जावेद शेख (उम्र 31 साल) ने मार्केट से ऐसी कार की कीमत का पता किया. मार्केट में ऐसी टॉय कार  की कीमत 60,000 रुपए थी. कीमत से ज्यादा जावेद को उसके चाइनीज प्रोडक्ट होने की बात चुभी.

जावेद और उनके 55 वर्षीय पिता हुसैन शेख चाइनीज प्रोडक्ट के इस्तेमाल के खिलाफ हैं. खास तौर पर सरहद पर चीन ने पिछले कुछ महीने से जिस तरह का रवैया अपना रखा है. इसके अलावा कोरोना वायरस से निपटने को लेकर चीन ने जिस तरह काम किया और दुनिया भर की आलोचनाओं की परवाह नहीं की, उसने भी पिता-बेटे का मन खिन्न कर रखा था. इसलिए उनका पूरा जोर ‘मेक इन इंडिया प्रोडक्ट्स’ ही खरीदने पर रहता है.  

उधर, तंजिला की बालहठ थी कि उसे वही सड़क पर चलने वाली चमकदार, नरम सीट वाली ऑटोमैटिक टॉय कार ही चाहिए. दोनों ने तय किया कि वो चाइनीज प्रोडक्ट तो नहीं खरीदेंगे लेकिन अपनी लाडली तंजीला को मायूस भी नहीं होने देंगे.

जावेद के साथ ये अच्छी बात है कि वो खुद अपना ऑटोमोबाइल रिपेयर गैराज चलाते हैं. यहां पर कारों की रिपेयर के साथ पेंटिंग का भी काम होता है. जावेद के मुताबिक, उन्होंने शहर के एक बड़े कार रिपेयर एंड मेंटिनेस हाउस में 10 साल काम किया है.  जावेद ने ठान ली कि वो अपने हाथों से ही अपनी लाडली तंजीला के सपने की कार बना कर दिखाएंगे. तंजीला को किसी तरह मनाया गया कि जल्द ही पसंद की कार उसे मिल जाएगी.  
 

तकरीबन 4 महीने पहले पिंपरी-चिंचवड में जावेद ने बेटी के लिए कार पर काम शुरू किया. पहले पेपर पर कार का स्कैच बनाया गया. जावेद ने फिर कार के लिए सारी जरूरत का सामान इकट्ठा करना शुरू किया. लॉकडाउन के दिन थे, इसलिए जावेद और उनके पिता के पास खाली वक्त भी काफी था. इसलिए उन्होंने सारा फोकस टॉय कार पर रखा.  तंजीला के सपनों की कार को आकार देने के लिए टू व्हीलर का इंजन लगाया गया. शॉक अब्जॉर्वर्स, पावरफुल लाइट, नरम कुशन वाली सीट, बैटरी, स्टेयरिंग के साथ तैयार हो गई शानदार टॉय कार. देखने में इसका डिजाइन किसी खूबसूरत विंटेज कार की तरह दिखता है. 

पिंपरी-चिंचवड में जो भी इस कार को देखता है, देखता ही रह जाता है. बच्चों के लिए तो ये मनपसंद सवारी है ही बड़े बुजुर्ग भी इसमें बैठकर आनंद ले सकते हैं. जावेद ने आजतक को बताया कि वह इस छोटी सी कार से घर का जो सामान नुक्कड़ के बनिए की दुकान से लाना होता है या सब्जी मंडी से लाना होता है उसे अपनी बिटिया को साथ बिठा कर ले आते हैं. तंजिला का तो इस कार को पाने के बाद खुशी का ठिकाना ही नहीं है.   और तो और जावेद को दूसरे लोगों से भी अपने बच्चों के लिए ऐसी कार बनाने के लिए ऑर्डर मिलने लगे हैं. जावेद के मुताबिक फिलहाल उन्होंने स्कूटी टू व्हीलर इंजन टॉय कार में लगाया है लेकिन आने वाले दिनों में इसे बैटरी ऑपरेटेड करना चाहते हैं. इसके लिए वजन कम होने के साथ-साथ, चार्जिंग में कम वक्त लेने वाली बैटरी की तलाश है.