गोरखपुर के SSP का एक्‍शन-एक दरोगा सहित 30 पुलिसकर्मियों को किया जबरन रिटायर 

 गोरखपुर 
गोरखपुर के पुलिस कप्‍तान जोगेंद्र कुमार ने  एक उप निरीक्षक समेत जिले में तैनात 30 पुलिस कर्मियों को सेवानिवृत्ति कर दिया है। इन पुलिस कर्मियों की उम्र 50 साल से ऊपर है और इनके खिलाफ कोई न कोई आरोप लगा है। इन पुलिस कर्मियों को 3-3 माह का वेतन दिया जाएगा। एसएसपी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमें में हड़कम्प मच गया है। इस बात को लेकर चर्चाएं हो रही हैं कि अभी भी कभी किसी एसआई-कांस्टेबल पर गाज गिर सकती है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ही दरोगाओं और हेड कांस्टेबलों-कांस्टेबलों का नियुक्ति प्राधिकारी होता है। एसएसपी को इन पदों पर तैनात कर्मियों पर कार्रवाई करने का अधिकार है। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने फाइनेंसियल हैंड बुक खंड : 2 भाग 2 से 4 में दिए गए अद्यावधिक संशोधित फंडामेंटल रूल 56 के खंड (सी) के अधीन अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए जिले में तैनात एक दरोगा समेत 30 पुलिस कर्मियों को गुरुवार को ही सेवानिवृत्त कर दिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिस दरोगा और जिन हेड कांस्टेबलों-कांस्टेबलों को सेवानिवृत्ति दी गई है वे 50 की उम्र पार कर चुके हैं। इतना ही नहीं उनके खिलाफ कम से कम 3 बैडइंट्री लगी है। इनमें से कुछ को किसी न किसी मामले में विभाग द्वारा दंडित किया गया है।

एसएसपी ने अपने आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा है कि आरक्षी नागरिक पुलिस, दरोगा, हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल को लोकहित में आदेश दिया जा रहा है कि इस आदेश के जारी होने के दिनांक के दोपहर बाद सेवानिवृत्त हो जाएंगे। एसएसपी ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि इस आदेश के बाद तीन माह तक का वह उसी दर पर अपने वेतन और भत्तों के हकदार होंगे जिस स्थिति में उनको सेवानिवृत्त किया जा रहा है। जिन लोगों को एसएसपी ने सेवानिवृत्त किया है उनमें आरक्षी नागरिक पुलिस हृदयानंद सिंह, आरक्षी रामअशीष तिवारी, दरोगा राजेंद्र प्रसाद यादव आदि शामिल हैं।

अलग-अलग बना है आदेश 
एसएसपी जोगेंद्र कुमार द्वारा जिन पुलिस कर्मियों को सेवानिवृत्ति दी गई है उन सभी के लिए आदेश पत्र अलग-अलग जारी किया है। एसएसपी के आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक नगर, उत्तरी, दक्षिणी, यातायात, लाइन और क्षेत्राधिकारी लाइन तथा आरआई को भेज दी गई है।

सेवानिवृत्त जवानों को थमाया आदेश पत्र
एसएसपी द्वारा सेवानिवृत्त किए गए दरोगा और हेड कांस्टेबलों-कांस्टेबलों को गुरुवार को ही आदेश की कापी थमा दी गई। पुलिस कार्यालय में आदेश पत्र सौंपते समय इस बात का ध्यान रखा गया कि जिस पर कार्रवाई की गई है उसे ही कॉपी रिसीव कराई जाए।

एसएसपी कार्यालय में पूरे दिन होती रही चर्चाएं
एसएसपी के इस आदेश के बाद पुलिस महकमें में हड़कम्प मच गया है। चूंकि गुरुवार को जब एसएसपी ने आदेश किया तब पुलिस कार्यालय में तैनात अधिकतर अधिकारियों-कर्मचारियों को इस बात का भान नहीं हो सका। शुक्रवार की सुबह जब दरोगा, सिपाही और बाबू पुलिस कार्यालय में पहुंचे तो उन्हें एसएसपी द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी हुई। पूरे दिन इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं होती रहीं।