पश्चिम बंगाल: ममता ने PM मोदी पर साधा निशाना 

नई दिल्ली
ममता बनर्जी ने इस रोड मार्च का खुद ही नेतृत्व भी किया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के अवसर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी  ने श्याम बाजार से रेड रोड तक रैली निकाली। इस दौरान ममता बनर्जी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। इसके अलावा सीएम ममता ने देश में चार राजधानी होने की भी बात की। उन्होंने मांग की कि देश में चार राजधानी होनी चाहिए। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से सवाल पूछा कि आखिर देश में सिर्फ एक ही राजधानी क्यों होनी चाहिए। कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई कार्यक्रमों में शामिल होने से ममता बनर्जी ने 'पराक्रम दिवस' मनाने पर केंद्र सरकार पर निशाना भी साधा है। 

कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई कार्यक्रमों में शामिल होने से पहले ही शनिवार की सुबह ममता बनर्जी ने 'पराक्रम दिवस' मनाने पर केंद्र सरकार पर हमला बोला और कहा कि बंगाल सरकार तो देशनायक दिवस मना रही है बनर्जी ने इस तर्क के पीछे गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर का भी नाम जोड़ा. ममता बनर्जी ने कहा, ''मेरा मानना है कि भारत में 4 रोटेटिंग राजधानियां होनी चाहिए। अंग्रेजों ने पूरे देश पर कोलकाता से शासन किया। हमारे देश में केवल एक ही राजधानी क्यों होनी चाहिए'' ममता बनर्जी ने कहा, भारत में क्रमिक आधार पर चार राजधानियां होनी चाहिए। सीएम ममता बनर्जी ने मांग करते कहा, नीति आयोग, योजना आयोग सह अस्तित्व में रह सकते हैं, केंद्र को आयोग को फिर से लाना चाहिए। 

पीएम मोदी और बीजेपी पर निशाना साधते हुए सीएम ममता ने कहा, ''कुछ लोगों को ठीक चुनाव से पहले ही नेताजी की याद आती है। लेकिन मैं इनसे बिल्कुल अलग हमेशा नेताजी के परिवार के संपर्क में रही हूं। मैं आज से पहले उनकी (नेताजी सुभाष चंद्रा) की जयंती को ना मनाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ अपना असंतोष व्यक्त करना चाहूंगी। लेकिन ठीक चुनाव से पहले जयंती मनाने की याद क्यों आई ये भी समझ रही हूं।'' केंद्र सरकार द्वारा नेताजी की 125वीं जयंती पर पराक्रम दिवस मनाने पर ममता बनर्जी ने कहा, "मैं पराक्रम शब्द को नहीं समझती… मैं उनके (नेताजी के) 'देश प्रेम' को समझती हूं। नेताजी एक दर्शन हैं, एक भावना हैं, वह धर्मों की एकता में विश्वास करते थे।'' उन्होंने कहा, बंगाल सरकार तो आज देशनायक दिवस मना रही है…क्योंकि नेताजी ने गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर के गीत को राष्ट्रगान के रूप में मान्यता दी थी।''