भूखंड पर पांच साल में 10% निर्माण नहीं तो लगेगा जुर्माना

भोपाल
प्रदेश में विकास प्राधिकरणों द्वारा विकसित भूखंडों को खरीदने वालों को उस पर पांच साल के भीतर निर्माण करना जरुरी होगा। ऐसा नहीं करने पर अब सरकार उन पर जुर्माना लगाएगी। यह जुर्माना दस रुपए प्रतिवर्ग मीटर प्रतिवर्ष के हिसाब से लगाया जाएगा।

आमतौर पर जो लोग आवासीय या व्यावसायिक निर्माण के लिए भूखंडों में राशि निवेश करते है वे लंबे समय तक वहां आवासीय और व्यावसायिक भवनों का निर्माण नहीं करते है। चूंकि भूखंड की कीमत ज्यादा तेजी से बढ़ती है और भवन की कीमत उस अनुपात में नहीं बढ़ती इसलिए लोग भूखंड में निवेश कर उसे बेचने के लिए लंबे समय तक रखे रहते है। अब ऐसा नहीं कर पाएंगे।

राज्य सरकार ने नियमों में बदलाव कर दिया है। अब विकास प्राधिकरणों के विकसित भूखंडों को खरीदने के बाद पांच साल के भीतर उस भूखंड पर न्यूनतम दस फीसदी निर्माण करना जरुरी होगा। ऐसा नहीं कर पाने वाले भूखंड स्वामियों पर विकास प्राधिकरण न्यूनतम निर्माण कार्य पूर्ण होने तक दस रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से जुर्माना उस भूखंडस्वामी पर लगाएगा। जब निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा तो यह जुर्माना लगना बंद हो जाएगा।

विकास प्राधिकरण में आवंटित भूखंड पर अब निवेशकर्ता अपने परिजनों का नाम भी आवंटन में जुड़वा सकेगा। आवंटन आदेश जारी होने के बाद यदि किसी परिवारजन का नाम भी उसमें जुड़वाना हो तो अब एक हजार रुपए का शुल्क देकर ऐसा किया जा सकेगा। प्लाट आवंटिती अपने माता-पिता, भाई-बहन, पति, पत्नी, पुत्र-पुत्री का नाम आवंटन आदेश में यह शुल्क जमा करवाके जुड़वा सकेगा।